(MAHARASHTRA, India)
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ ने उच्च न्यायालय के 12 सितंबर के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर चव्हाण से 31 अक्तूबर तक जवाब मांगा है। चुनाव आयोग ने 2009 के विधानसभा चुनाव के लिए खर्च का गलत ब्यौरा देने के मामले में चव्हाण को दोषी ठहराया था और कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आरोपों पर 20 दिन के भीतर जवाब मांगा था। उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 12 सितंबर को चुनाव आयोग के आदेश और कारण बताओ नोटिस को रद्द कर दिया था। अदालत ने निर्दलीय उम्मीदवार माधवराव किन्हालकर द्वारा दायर ताजा अंतरिम आवेदन पर चुनाव आयोग को भी नोटिस जारी किया है। किन्हालकर ने आरोप लगाया था कि फैसला करते समय एकल पीठ के समय आयोग को पक्ष नहीं बनाया गया। एकल पीठ ने 12 सितंबर को चुनाव आयोग के आदेश और चव्हाण को जारी कारण बताओ नोटिस को यह कहकर रद्द कर दिया था कि चुनाव आयोग चुनाव संचालन संबंधी नियमों का पालन करने में विफल रहा, जिसके अनुसार नतीजे पर पहुंचने से पहले उम्मीदवार को 20 दिन के भीतर यह स्पष्ट करने का मौका दिया जाता है कि क्या उसके द्वारा बताया गया खर्च का ब्यौरा सही है
Author: JAN TV Editorial Team
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