राजकोषीय घाटे की स्थिति को सुधरते देख केंद्र सरकार हड़बड़ाहट में सरकारी कंपनियों में विनिवेश नहीं करना चाहती। सरकारी कंपनियों में अपनी इक्विटी बेचकर बाजार से पूरा पैसा वसूलने की नीति के तहत कोल इंडिया (सीआइएल) व ओएनजीसी जैसी बड़ी कंपनियों में दो चरणों में विनिवेश करने का मन बना लिया गया है। इसके साथ ही विनिवेश कार्यक्रम को आगे बढ़ाने से पहले शेयर बाजार पर भी पूरी नजर रखी जाएगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विनिवेश को आगे बढ़ाने पर मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक की। वित्त मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि बाजार के हालात को देखते हुए ही ओएनजीसी और कोल इंडिया के विनिवेश का अभी तक कोई समय तय नहीं किया गया है। एक सुझाव यह आया है कि इन दोनों कंपनियों में दो चरणों में विनिवेश किया जाए ताकि इनका बाजार पूंजीकरण ज्यादा बढ़ सके। सूत्रों का कहना है कि इन दोनों कंपनियों में विनिवेश को लेकर कई मुद्दों का अभी समाधान निकालना है।
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