योगी सरकार की पहल पर आयोजित इस उत्सव का उद्देश्य ब्रज की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच देना और स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों तथा पारंपरिक उत्पादों को प्रोत्साहित करना है।
ब्रज रज उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए ब्रज की भक्ति परंपरा और कलात्मक विरासत प्रस्तुत की जाएगी। वृंदावन के स्वामी हरिदास जी प्रेक्षागृह में सांसद हेमा मालिनी की ‘नृत्य नाटिका गंगा’ के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी।
इसके अलावा सौरभ राज जैन ‘मेरे कृष्ण’ नाटक प्रस्तुत करेंगे। गीता शोध संस्थान और रासलीला अकादमी, वृंदावन की ओर से रासलीला का आयोजन होगा। वहीं, शिवानी मिश्रा ‘कलर्स ऑफ यूपी’ की प्रस्तुति देंगी।
उत्सव में राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ ब्रज के स्थानीय लोक कलाकारों और स्कूली छात्र-छात्राओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। लोक संगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों के जरिए नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उत्सव में शिल्प मेला, फूड कोर्ट, झूले और जॉय राइड्स भी लगाए जाएंगे। स्वयं सहायता समूहों, खादी ग्रामोद्योग और सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ODOP) तथा ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ (ODOC) योजनाओं के विशेष स्टॉल भी आकर्षण का हिस्सा होंगे।
इन स्टॉलों पर स्थानीय हस्तशिल्प, क्षेत्रीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रचार और विपणन के लिए मंच मिलेगा।
ब्रज रज उत्सव के माध्यम से मथुरा और वृंदावन की सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है। नृत्य, नाटक, रासलीला और लोक कलाओं के साथ स्थानीय उत्पादों को शामिल कर यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और क्षेत्रीय पर्यटन को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित रहेगा।
Digital Desk: Liza Chandel
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