रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने पहली बार भुगतान यानी पेमेंट बैंक और लघु वित्त बैंकों के गठन की खातिर अंतिम मानक जारी कर दिए हैं। केंद्रीय बैंक ने दो नए बैंकों को लाइसेंस जारी करने के कुछ महीनों के भीतर ही ऐसा किया है। इस फैसले से मोबाइल ऑपरेटर, सुपर मार्केट चेन और रीयल एस्टेट कोऑपरेटिव जैसी यूनिटें भुगतान बैंक खोल पाएंगी। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) व माइक्रोफाइनेंस ऋणदाताओं को लघु वित्त बैंक खोलने का मौका मिलेगा। वित्तीय समावेश की जड़ों को देश में फैलाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। रिजर्व बैंक ने बताया कि दोनों तरह के नए बैंकों के लिए न्यूनतम चुकता शेयर पूंजी 100 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। लघु वित्त बैंक पूर्ण बैंक में तब्दील हो सकते हैं। यह बदलाव शर्तो के अधीन होगा। आरबीआइ ने इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग से जुड़ी आइडीएफसी और माइक्रोफाइनेंस कंपनी बंधन को इस वर्ष अप्रैल में बैंकिंग का लाइसेंस जारी किया था। इससे पूर्व बैंकिंग लाइसेंस 12 साल पहले जारी किए गए थे।
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