भारत में अरबों रुपये का कारोबार करने वाली सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक, ट्विटर व गूगल को अब अपनी सेवा सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र सरकार को सर्विस टैक्स देना होगा। केंद्र सरकार ने सभी सोशल नेटवर्किग साइटों पर शिकंजा कसते हुए एक अक्टूबर से सर्विस टैक्स वसूलने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट को हलफनामे के माध्यम से जानकारी देते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि सरकारी ई-मेल पॉलिसी का प्रयोग करने व सोशल नेटवर्किग साइटों का प्रयोग करने या न करने को लेकर सभी सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों को दो अलग-अलग एडवाइजरी जारी की गई है। न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने इस मामले में केंद्र की रिपोर्ट पर याचिकाकर्ता विचारक केएन गोविंदाचार्य को अपना जवाब हलफनामे के रूप में दो सप्ताह में दायर करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 30 जनवरी को होगी।
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