डीजल कीमतों में कमी का फायदा रेल यात्रियों को नहीं मिलेगा। इसकी वजह यह है कि यात्री सेवाओं के मामले में अभी भी 26 हजार करोड़ रुपये का सब्सिडी बोझ बना हुआ है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु से सोमवार को जब यह पूछा गया कि क्या ईंधन लागत में कटौती का असर अगली बार होने वाली ईंधन समायोजन (एफएसी) आधारित रेल किराया संशोधन में दिखेगा जवाब में उन्होंने कहा, ‘यह सही है कि पिछले कुछ महीनों में डीजल के दाम दो-तीन बार घटे हैं, लेकिन इससे पहले पूरे साल ऐसा नहीं हुआ। यात्रियों को पहले ही लाभ मिल रहा है, क्योंकि यात्री किराए पर सब्सिडी दी जा रही है।’ प्रभु ने संवाददाताओं से अनौपचारिक बातचीत में कहा, रेलवे की आमदनी में दो-तिहाई हिस्सा मालभाड़े का है, जबकि एक-तिहाई यात्री किराये से आता है। यात्री सेवाओं के लिए मालभाड़ा ऊंचा रखकर सब्सिडी दी जा रही है। एफएसी संबद्ध किराया संशोधन दिसंबर में होना था, लेकिन अब इसे फरवरी में आगामी रेल बजट में किया जाएगा।
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