ऐसा लग रहा है कि सरकार को इंश्योरेंस सेक्टर में एफडीआई 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने के लिए ऑर्डिनेंस का सहारा लेना पड़ेगा क्योंकि संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन मंगलवार को राज्य सभा में विधेयक का पारित होना संभव नहीं दिखाई पड़ रहा है। पिछले सप्ताह कुछ सीनियर मिनिस्टर्स ने ऑर्डिनेंस लाने की संभावना को खारिज कर दिया था लेकिन अब ऑर्डिनेंस का सहारा लेने के अलावा कोई चारा नहीं दिख रहा है। कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों का कहना है कि नरेंद्र मोदी सरकार जनवरी में गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत के लिए आने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के आने से पहले इंश्योरेंस बिल को पास करने की इच्छुक है। गौरतलब है कि कांग्रेस जब खुद सत्ता में थी तो इसने इंश्योरेंस सेक्टर में एफडीआई की सीमा बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी और इस संबंध में एक विधेयक भी लाई थी।
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