(India)
तेल अवीव विश्वविद्यालय की सैक्लर चिकित्सा विज्ञान संकाय और सार्वजनिक स्वास्थ्य विद्यालय के प्राध्यापक लिएट लेर्नर गेवा ने अपने शोध में कहा, हमारे शोध के परिणाम बताते हैं कि वायु जितना अधिक प्रदूषित होगा गर्भस्थ शिशु के विकृति के साथ पैदान होने की उतनी ही आशंका होगी। शोधकर्ताओं ने 1997 से 2004 के बीच इजरायल में जन्में 216,730 बच्चों पर अध्ययन किया। अध्ययन की अवधि के लिए वायु प्रदूषण से संबंधित आंकड़े संबंधित विभाग से प्राप्त किए गए। भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग कर प्रत्येक महिला के लिए उनके रिहाइश के आधार पर गर्भावस्था के दौरान वायु प्रदूषण के असर का विश्लेषण किया गया। शोध में पता चला कि पूरे गर्भावस्था के दौरान अधिक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने पर विकृत बच्चे के जन्म लेने की आशंका बढ़ गई तथा यह संवहन प्रणाली और यौन अंगों में विकृति के रूप में दिखाई पड़ा। शोध पत्रिका 'एनवायरमेंटल रिसर्च' के ताजा अंक में प्रकाशित यह शोध गर्भस्थ शिशु पर अन्य तरह के प्रदूषणों के पड़ने वाले बुरे असर का अध्ययन करने के लिए आधार प्रदान करता है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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