एप आधारित कैब वापस लौटेंगी दिल्ली की सडकों पर
(DELHI, India) उप राज्यपाल नजीब जंग द्वारा बनाये गये नये नियमों के अनुसार रेडियो टैक्सी सेवा प्रदाता को या तो अपना काल सेन्टर रखना होगा अथवा किसी अधिकृत काल सेन्टर या वेब पोर्टल के जरिये अपनी सेवायें परिचालित करनी होंगी और उन्हें इसका विवरण परिवहन विभाग को देना होगा। दिल्ली सरकार ने हाल ही में एक महिला से उबर कैब चालक द्वारा बलात्कार करने के बाद सभी वेब आधारित टैक्सी सेवाओं पर रोक लगा दी थी। नये कानून राजधानी में चलने वाली सभी कैब सेवाओं पर लागू होंगे और एनसीआर परमिट वाली रेडियो टैक्सी को ही राजधानी में चलने दिया जायेगा। आल इंडिया परमिट वाली टैक्सियों को शहर में चलाने की अनुमति नहीं दी जायेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नये नियमों के तहत कंपनी को चालक के व्यवहार की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी और इन कंपनियों को परिवहन विभाग में अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसके अलावा रेडियो टैक्सी में जीपीएस और जीपीआरएस आधारित टैकिंग सेवा, प्रिंटर और डिस्पले पैनल होना जरूरी होगा। रेडियो टैक्सी सेवा को सरकार को अपने चालकों का डाटा बेस उपलब्ध कराना होगा। कैब सेवा को पैनिक बटन भी उपलब्ध कराना होगा। अधिकारियों ने कहा कि कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत कंपनी को लाइसेंस दिये जायेंगे।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।