ट्रेनों के लेट चलने के कारण प्रधानमंत्री मोदी नाराज हैं। उन्होंने रेल मंत्री सुरेश प्रभु से इसके बारे में जवाब मांगा है। इसके बाद रेल मंत्रालय के अफसर इमरजेंसी के दिनों 1975 की फाइलें खंगाल रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पब्लिक की ओर से मिली कुछ शिकायतों में कहा गया है कि आपातकाल के दिनों में ट्रेनें समय से चला करती थीं। पीएमओ की सख्ती के बाद रेल मंत्री प्रभु ट्रेनों की टाइमिंग को लेकर रोजाना समीक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने इस बात से इनकार किया है कि पीएमओ ने ट्रेन्स के देरी से चलने पर कोई रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय को ट्रेनों के देरी से चलने के बारे में सांसदों और आम लोगों से शिकायतें मिल रही हैं। इसके बाद पीएमओ ने रेल मंत्रालय से स्पष्टीकरण मांगा। उत्तर रेलवे में हालात ज्यादा खराब हैं। यहां पिछले साल मार्च में ट्रेनों के समय पर चलने का आंकड़ा 82 प्रतिशत था जो अब 60 पर आ गया है। ट्रेनों के समय पर ऑपरेशन के लिए जिम्मेदार ट्रैफिक डायरेक्टोरेट ने ट्रेनों के लेट होने के लिए कई कारणों का हवाला दिया है। इनमें सिग्नल्स की खराबी, चलती ट्रेनों को बार-बार रोका जाना और ओवरहेड इलेक्ट्रिक सिस्टम में दिक्कत शामिल हैं।
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