सरकार ने भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को नौ संशोधनों के साथ पुन जारी कर दिया है। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने मोदी सरकार द्वारा दोबारा लाए गए भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति भवन के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की। मंत्रिमंडल ने गत मंगलवार को इसे मंजूरी देकर राष्ट्रपति के पास भेजा था। सरकार ने गत वर्ष दिसंबर में 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन कर अध्यादेश जारी किया था और संसद के बजट सत्र के पहले चरण के दौरान इसके स्थान पर लोकसभा में भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक पेश किया था। इस विधेयक को सदन ने नौ संशोधनों के साथ पारित किया था, लेकिन विपक्ष के कड़े विरोध को देखते हुए सरकार ने इसे राज्यसभा में पेश नहीं किया था। कानूनन कोई भी अध्यादेश छह महीने के लिए होता है, लेकिन इस दौरान संसद का सत्र शुरू होने पर इसे छह सप्ताह के अंदर पारित कराना जरूरी होता है। ऐसी स्थिति में पिछला अध्यादेश पांच अप्रैल को समाप्त हो रहा था।
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