अलगावादी मसर्रत आलम की गिरफ्तारी के बाद जम्मू-कश्मीर में भड़की हिंसा और तेजी से बढ़ रही है। अलगाववादी समर्थक त्राल मार्च को लेकर और उग्र होते जा रहे हैं। त्राल मार्च पर रोक के बावजूद अलगाववादी समर्थक मार्च निकालने पर अड़े हुए हैं। विरोधियों को रोकने के लिए पुलिस हर पैंतरे आजमा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार पुलिस और विरोधियों के बीच हुई झड़प में 14 लोग घायल हो गए हैं। इससे पहले विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पथराव भी किया और कुछ लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज भी जला दिया था। मसर्रत की गिरफ्तारी पर राजनीतिक दलों और अलगाववादी नेताओं की प्रतिक्रिया भी आने लगी है। अलगाववादी नेता मीर वाइज उमर फारूख ने कहा कि प्रदेश की मुफ्ती सरकार ने भाजपा के समक्ष समर्पण कर दिया है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उधर घाटी में पुलिस और अलगाववादी समर्थकों के बीच हो रही झड़प और पत्थरबाजी पर भाजपा नेता और जम्मू-कश्मीर मामले के प्रभारी राम माधव ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून और व्यवस्था के मामले से पूरी सख्ती से निबटेगी।
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