दिल्ली के विवादित मनोज वशिष्ठ एनकाउंटर केस में शामिल सभी पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने बताया कि मामले में विजिलेंस जांच के भी आदेश दिए गए हैं. अब तक धरने पर बैठा मनोज का परिवार पुलिस के इस कदम से संतुष्ट बताया जा रहा है. परिजन अब मनोज का शव लेकर बागपत जा रहे हैं. परिवार का आरोप है कि पुलिस ने योजना के तहत मनोज का मर्डर किया. दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने सोमवार को कहा था कि ज्वॉइंट सीपी रैंक के अफसर जांच को लीड कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जल्द रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी जाएगी.दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल में मनोज का पोस्टमार्टम हुआ. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मनोज को एक गोली लगी थी जो उसके सिर के आर पार गई थी.पुलिस के अनुसार, मनोज पर दिल्ली, मुंबई और चंडीगढ़ में हत्या का प्रयास और धोखाधड़ी के 50 से ज्यादा मामले दर्ज थे.पुलिस का दावा है कि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को धोखाधड़ी के एक मामले में मनोज, उसकी पत्नी और उसके सुसर की तलाश थी. बताया कि पश्चिमी दिल्ली के पटेल नगर निवासी मनोज मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बागपत शहर का रहने वाला था. गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने भी मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं.
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।