विगत 25 जून को पुलिस की गोली से मृत्यु होने के बाद बढता विवाद शुक्रवार को समझौते के बाद समाप्त हो गया। स्थानीय सर्किट हाउस में आयोजित समझौता वार्ता के दौरान विभिन्न मांगंों को लेकर वार्तालाप के बाद बतौर मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर यूआईटी चैयरमैन जितेन्द्रसिंह ने आंदोलन कारियों की मांगो को मानते हुए रामगढ थाने को संस्पेड के साथ ही सीबीआई से मामले की जांच को मुख्यमंत्री के द्वारा करवाने की बात कही गई। इस दौरान एडीजे रैडी के साथ ही जैसलमेर प्रशासन से जुडे आलाधिकारी भी मौजूद थे। आपको बता दे कि चुतरसिंह फर्जी एनकाउंटर संधर्ष समिति के बैनर तले 02 जुलाई को जैसलमेर बंद का आहवान था जिसमे प्रदेश भर से जनता के आने का सिलसिला जारी था
Author: JAN TV Editorial Team
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