सात माह पहले हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूलने वाले पूर्व एसीएस उमराव सालोदिया के अजमेर रोड जयसिंहपुरा घर पर सबकुछ धर्म परिवर्तन से पहले जैसा था। इस्लाम कबूलने के बाद उमराव की यह पहली ईद थी, मगर ईद की खुशियां नजर नहीं आई। माहे रमजान में वे न तो नमाज अदा कर पाए और न ही जकात और फितरे का फर्ज निभाया। जब उनकी पत्नी से पूछा गया तो उन्होनें कहा कि जब रोजे ही नही रखे तो ईद कैसी?
Author: JAN TV Editorial Team
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