मुम्बई के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल हीरानंदानी अस्पताल में चल रहे किडनी रैकेट मामले में एक बाद एक 12 गिरफ्तारी हो चुकी है। लेकिन मंगलवार को इस पुरे मामले में सबसे बड़ी गिरफ्तारी हुई है। इस पुरे रैकेट की तफ्तीश में लगी पुलिस ने इस हाई प्रोफाइल अस्पताल के सीईओ डॉक्टर सुजीत चैटर्जी समेत अन्य चार बड़े डॉक्टर्स को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूरे मामले का ख़ुलासा होने के बाद अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
हीरानंदानी अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों की मदद से पहले नकली रिश्तेदार तैयार किये जाते थे, और अवैध तरीके से जरुरतमंद को किडनी बेची जाती थी। इस रैकेट का सरगना एक किडनी ट्रांसप्लांट के बदले में 25 से 30 लाख रुपये लेता था. किडनी देने वाले को कुछ हजार रुपये देकर ही चुप करा दिया जाता था. मामले की हक़ीक़त पिछले महीने की 14 जुलाई को सामने आयी थी। जब एक किडनी डोनर ने एक सामाजिक संस्था के साथ मिलकर पिछले महीने छापा मारकर इस रैकेट का भंडाफोड़ करवाया, उसी दौरान जब डॉक्टर एक किडनी ट्रांसप्लांट करने ही वाले थे. छापे में पता चला था कि जिस महिला को मरीज की पत्नी बताकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था वह उसकी पत्नी नहीं थी.
पुलिस सूत्रों की माने तो अब तक इस पुरे मामले में गुजरात और राजस्थान से भी कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों की माने तो इस गिरोह ने अब तक इसी तरह से फर्जीवाड़ा कर 50 के करीब किडनी का ट्रांसप्लांट करवाया है। हालांकि पुलिस ने अब तक सिर्फ 4 केस में ही छानबीन शुरू की है। इसके अलावा पुलिस अब हीरानंदानी अस्पताल में हुए अब तक के सभी किडनी ट्रांसप्लांट के फाइल्स को दुबारा से खंगालने में लगी है। साथ ही आरोपियों पर मानव अंग प्रत्यार्पण कानून 1994 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
Author: JAN TV Editorial Team
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