खबरों के अनुसार, साधु कल्याण सिंह सिसोदिया नाम के एक शख्स का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जिस दिन आनंदपाल को गिरफ्तार किया गया उस दिन अमावस्या थी और जिस दिन एनकाउंटर हुआ उस दिन भी अमावस्या थी। उन्होंने कहा कि यह एक संयोग भर नहीं है, अभी गुप्त नवरात्रे चल रहे हैं। साधु का दावा है कि आनंदपाल ने नौ दिन तपस्या कर सभी राजपूतों को जगाया है। इसलिए वह मरा नहीं है बल्कि वह अभी भी लोगों के बीच मौजूद है। वीडियो में साधु दावा करते दिख रहे हैं कि आनंदपाल के शव में अभी भी उनकी आत्मा मौजूद है।
साधु ने यह भी दावा किया जब आनंदपाल के शव को जलाया जाएगा तब वह देव गमन करेगा, उसके शरीर से आत्मा किसी के शरीर में प्रवेश करेगी और फिर वह इंसान जन कल्याण के काम करेगा। साधु ने आगे दावा किया कि एक साल के भीतर ही आनंदपाल का मंदिर बनेगा और उसे ओम बन्ना की तरह पूजा जाएगा।
लेकिन अब सवाल यह है कि अपराधियों का मंदिर बनाना आस्था है या अंधविश्वास? हालांकि इससे पहले चित्रकूट मानिकपुर के कुख्यात डकैत ददुआ का भी मंदिर बनाया जा चुका है।
Author: JAN TV Editorial Team
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