दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की आवासीय योजना-2017 को मिला भरोसा ..
(DELHI, DELHI) दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की आवासीय योजना-2017 को संजीवनी मिल गई है। जल बोर्ड और डीटीसी ने लिखित में परेशानियां दूर करने का भरोसा दिया है। डीडीए ने भी फ्लैटों से जुड़ीं सभी खामियों को दूर करने के लिए टेंडर निकाल दिए हैं। वर्ष 2014 की आवासीय योजना में करीब 10 हजार लोगों ने फ्लैट लौटाए थे, जबकि इस बार तो आवेदन ही नहीं आ रहे हैं। 12,072 फ्लैटों के लिए अंतिम तिथि बढ़ाने के बावजूद अब तक 16 हजार फॉर्म ही आए। उसे फॉर्मो की लागत में भी मोटा घाटा होने जा रहा है। डीडीए ने इस बार पांच लाख फॉर्म छपवाए, जिन पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का खर्च आया है। अनुमान है कि अंतिम तिथि तक केवल एक लाख फॉर्म ही बिक पाएंगे। इन्हीं वजहों से डीडीए मौजूदा योजना में शामिल फ्लैटों की कायापलट करने में जुटा है। बिजली-पानी एवं परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए डीडीए ने पिछले दिनों बिजली कंपनियों, डीटीसी, डीएमआरसी और जल बोर्ड को पत्र लिखा था। सूत्रों के अनुसार डीटीसी और जल बोर्ड ने डीडीए को सहयोग का भरोसा दिया है। डीटीसी ने फ्लैटों की लोकेशन पर नए रूटों के लिए सर्वे भी शुरू कर दिया है, नोडल अधिकारी भी तैनात कर दिए हैं। जल बोर्ड ने कब्जे से पूर्व पाइप लाइन नेटवर्क विकसित करने का भरोसा दिया है।

डीडीए ने अपने स्तर की समस्याओं के निराकरण की दिशा में भी टेंडर जारी कर दिए हैं। इनमें फ्लैटों की लोकेशन पर सड़कों और पार्को की स्थिति तथा फ्लैटों की मरम्मत का कार्य मुख्य रूप से शामिल है। इस पर काम भी जल्द शुरू होने की संभावना है। डीडीए के एक आला अधिकारी ने बताया कि ड्रॉ दिसंबर के पहले हफ्ते में होना है। उसके बाद सफल आवेदकों को फ्लैट का कब्जा देने में तीन माह लगेंगे। ऐसे में डीडीए के पास अभी छह महीने से अधिक का समय है। इस दौरान फ्लैटों से जुड़ी समस्याएं दूर कर दी जाएंगी।

Author: JAN TV Editorial Team

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