जांच में एक जैसी लिखावट वाले प्रदेशभर के 1191 परीक्षार्थियों को बोर्ड ने लिखावट और योग्यता की जांच के लिए कमला नेहरू बालिका उच्च विद्यालय बुलाया था। अप्रैल से सितंबर के बीच इन्हें बुलाया गया था। इसमें 518 परीक्षार्थी ऐसे थे जिन्हें बहुत अंक आए थे। वहीं 673 परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिका में एक जैसी लिखावट पायी गयी थी। इन परीक्षार्थियों में मात्र 70 परीक्षार्थी ही बोर्ड के सामने उपस्थित हुए।
इसमें से मात्र 35 की योग्यता को सही पाया गया। इसके बाद बोर्ड ने योग्यता की जांच के लिए दुबारा मौका दिया। लेकिन एक भी परीक्षार्थी दुबारा नहीं आए। रिजल्ट घोषित होने के बाद 167 परीक्षार्थियों ने स्क्रूटिनी के लिए आवेदन दिया। मात्र पांच विद्यार्थियों के अंकों में ही बदलाव हुआ। इसके अलावा सात परीक्षार्थी ने स्क्रूटिनी आवेदन के दौरान सही से रौल नंबर और रौल कोड नहीं लिखा। इस कारण इन उत्तर पुस्तिका की स्क्रूटिनी नहीं की जा सकी।
बिहार राज्य संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष पीएन मिश्र बताते हैं कि जिन परीक्षार्थियों के रिजल्ट को रद्द किया गया है उन्हें 2017 की परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए परीक्षा आयोजित करने में देरी हो रही है। नवंबर के पहले सप्ताह में परीक्षा लेने की संभावना है।
Author: JAN TV Editorial Team
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