हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिल्ली एनसीआर में तेजी से बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर आपात बैठक बुलाने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सचिव को दिल्ली और एनसीआर के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ 3 दिन के भीतर बैठक करने को कहा है। हाई कोर्ट ने इसमें प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तलाशने को कहा है। हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को वाहनों के परिचालन के लिए दोबारा से सम विषम फार्मूला लागू करने पर भी विचार करने को कहा है। इसके साथ यह सरकार को तत्काल सड़कों को धोने के लिए कहा है ताकि धूल उड़ने की वजह से जो प्रदूषण हो रही है वह कम हो। हाई कोर्ट ने सरकार को उह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि राजधानी में अभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति हो ताकि किसी को सांस लेने में दिक्कत होने पर इसकी कमी से परेशानी न हो।
बुधवार को स्मॉग की वजह से दिल्ली और एनसीआर में हालात बेकाबू हो चुके थे। हाई कोर्ट और एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा कि सरकार ने इस समस्या का समाधान करने के लिए क्या कदम उठाए हैं। दिल्ली और एनसीआर बुधवार को स्मॉग की गहरी चादर से ढकी हुई थी। हाई कोर्ट ने फसल जलाने को स्मॉग का मेन विलेन करार दिया। वहीं एनजीटी ने दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की सरकारों को इस हालात से निबटने में असफल रहने पर फटकार भी लगाई। एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने राज्य की सरकारों को इस स्थिति से निबटने के लिए तैयार न रहने पर फटकारा। एनजीटी ने कहा कि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट से साफ है कि दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रदूषण का स्तर गहरा गया है। पीएम-10 के स्तर में भारी इजाफा हुआ है। पिछले कुछ सप्ताह के दौरान पीएम के स्तर में लगातार बढ़ोतरी हुई है। एनजीटी ने यह भी कहा कि क्या हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर कृत्रिम बारिश नहीं करवाई जा सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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