50 हजार वेतन लेने वाली टीचर ने स्कूल में मजदूरी पर रखा था पढ़ाने वाला और फिर...
(DELHI, DELHI) 45 से 50 हजार रुपये वेतन लेने वाली सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने खुद की जगह दो-तीन सौ रुपये मजदूरी पर गांव के युवक को पढ़ाने के लिए रखा हुआ था। मेडल खुद आने के बजाय गांव के युवक के भरोसे स्कूल छोड़ रखा था। अधिकारियों ने औचक निरीक्षण में इसका खुलासा हुआ।
चमोली जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) नरेश कुमार हल्दियानी ने कर्णप्रयाग विकासखंड के प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने विकास खंड कर्णप्रयाग के प्राथमिक विद्यालय भकुंडा जूनियर हाईस्कूल भकुंडा और प्राथमिक विद्यालय लंगासू का औचक निरीक्षण किया। बताया कि जब वे लंगासू में पहुंचे तो वहां पर कार्यरत प्रधानाध्यापिका शशि कंडवाल विद्यालय में नहीं थीं।
उन्होंने अपने स्थान पर एक अन्य युवक पढ़ाते हुए मिला। उसने बताया कि उसे मेडम यहां पढ़ाने के लिए पैसे देती हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रधानाध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्हें उप शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा कर्णप्रयाग कार्यालय में संबंद्ध किया गया है। प्रकरण की जांच के लिए उप शिक्षा अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त कर प्रकरण के जांच के निर्देश दे दिए गये हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

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