इंस्पेक्टर राघवन कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने भी पीछे के दरवाजे से देखा तो शव लटका दिखा। इस पर ही सुबूत मिटने के डर से उन्होंने कमरे के अंदर किसी को जाने नहीं दिया। फोरेंसिक टीम वहां पहुंची। उसने जब रूम के मुख्य दरवाजे को खोलना चाहा तो वह हल्का झटका देते ही अंदर से खुल गया। सिटकनी अंदर से नहीं बंद थी। सोहम के घुटने बेड पर टिके हुये थे। शरीर से बदबू आ रही थी। हास्टल प्रबन्धन और आईआईएम प्रशासन के लोग वहां पहुंच चुके थे।
इस हादसे की खबर फैलते ही सोहम के साथियों के अलावा दूसरे छात्र भी वहां पहुंच गये थे। ये सब हैरान थे कि आखिर सोहम की मौत कैसे हुई। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने तलाशी ली। सुसाइड नोट नहीं मिला और न ही लैपटॉप व मोबाइल से कुछ जानकारी मिली। अब फोरेंसिक टीम इसकी अपनी लैब में जांच करेगी। एसपी ट्रांसगोमती हरेन्द्र सिंह का कहना है कि अब तक की पड़ताल में यह खुदकुशी ही लग रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर स्थिति पूरी तरह से साफ हो सकेगी।
सोहम की मौत की सूचना उसके घर वालों को देने की हिम्मत कालेज प्रशासन नहीं जुटा पा रहा था। काफी देर बाद पुलिस ने ही सोहम के परिवारीजनों को सूचना दी। मोबाइल पर सोहम की मां पणवती बंदोपाध्याय बिलख पड़ी। जबकि उन्हें मौत की सूचना न देकर तबियत खराब बतायी गई थी। पर वह समझ गई और फिर मोबाइल पर ही देर तक बिलखती रही। एक रिश्तेदार ने ही पुलिस को बताया कि सोहम इकलौता बेटा था।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।