पहले ऐसे गरीब बच्चों की तलाश होती है जोकि दिखने में अच्छे हों और काम को बखूबी अंजाम दे सकें।
बच्चों के परिजनों को राजी करने के लिए पैसे दिए जाते हैं। साथ ही बच्चे को अलग से सालाना पांच लाख तक रुपये दिए जाते हैं।
बच्चों को ट्रेनिंग के लिए पॉश इलाके में रखा जाता है।
यहां उसे पॉश इलाकों में रहने वालों की तरह रहने, व्यवहार करने और कांटे और छूरी की सहायता से खाना सिखाया जाता है
बच्चों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें अच्छे कपड़े पहनाकर बड़े शादी समारोह में भेजा जाता है।
वे भीड़ में घुल-मिल रुपये व ज्वैलरी से भरे बैग पर हाथ साफ करते हैं। गैंग के लोग काम होने के बाद उन्हें वहां से निकलने का पूरा बंदोबस्त करके रखते हैं
बच्चों से चोरियां कराने के पीछे योजना होती है कि ये बेहद तेजी से चीजों को सीखते हैं और पकड़े जाने पर जेल नहीं होती
कई राज्यों में गैंग ने बकायदा अपने वकील रखे हैं जो इन बच्चों के पकड़े जाने पर छुड़ाते हैं
चांदनी चौक इलाके में पुलिस ने महिला चोरों के गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। महिलाओं का गिरोह भोपाल में जमा होकर दिल्ली वारदात करने के लिए आता है। पुलिस गिरोह के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को 45 साल की अनिता खरीदारी करने के लिए नई सड़क स्थित अरुण वस्त्र भंडार आई हुई थीं। भीड़भाड़ होने के कारण धक्का मुक्की भी हो रही थी। इसी दौरान दो महिलाओं ने उन्हें धक्का दिया और फिर माफी मांगते हुए आगे बढ़ गईं। कुछ दूर बढ़ने पर अनिता ने देखा कि उनके बैग की चेन खुली हुई है और उसमें रखा हुआ रुपये का छोटा सा बैग गायब था।
माजरा समझ में आते ही अनिता ने शोर मचाते हुए धक्का मुक्की करने वाली महिलाओं की तरफ बढ़ीं। इसी दौरान इलाके में गश्त कर रहे हेड कांस्टेबल विकास ने हलचल सुनकर तुरंत कार्रवाई की और दोनों महिलाओं को रोका। साथ ही थाने से पहुंची महिला पुलिसकर्मियों ने जब दोनों युवतियों की तलाशी ली तो अनिता का सारा सामान मिल गया। इसके बाद पुलिस ने काली और ममता नाम की दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पूछताछ में मालूम हुआ कि ये भोपाल के पास राजगढ़ जिले के पचौर इलाके से हैं। गिरोह की सदस्य भोपाल में जमा होकर दिल्ली आते हैं और भीड़भाड़ वाले इलाकों में शिकार ढूंढ़ते हैं। गिरोह अपने शिकार के आसपास घेरा बनाकर धक्का मुक्की करता है और इस बीच बैग से कीमती वस्तु निकाल लेता है। आरोपियों ने बताया कि वे दो चार दिन के लिए दिल्ली आती थीं। इस दौरान वे रेलवे स्टेशन आदि पर रुकतीं थीं और फिर अपराध करने के बाद वापस गांव लौट जाती थीं। गिरफ्तार दोनों महिलाओं ने बताया कि वे पहले भी चोरी की धाराओं में बंद हो चुकी हैं।
18 नवंबर : जय सिंह मार्ग में एक शादी समारोह के दौरान दुल्हन की मां के पास रखा बैग चोरी हो गया। इसमें दो लाख रुपये के कैश व जेवर थे।
3 जुलाई : दक्षिण पश्चिम दिल्ली में शादी समारोह के दौरान एक नाबालिग ने गिफ्ट से भरा बैग व आठ लाख रुपये चुरा लिए थे। सीसीटीवी में दिखाई दिया।
20 फरवरी : दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया। उनका गैंग दिल्ली-एनसीआर में 100 से अधिक शादी समारोह में वारदात को अंजाम दे चुका था।
30 जनवरी : पुलिस ने 15 शादी समारोह में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले गैंग को पकड़ा। पकड़े गए नाबालिग की मां ने पुलिस को बताया था कि उसे बच्चे को गैंग में शामिल करने देने की एवज में दो लाख रुपये मिले थे।
29 जनवरी : होटल शंगरीला में आयोजित शादी समारोह से दो महिलाओं ने हीरे का हार चुरा लिया।
28 जनवरी : इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर से बच्चों के एक ग्रुप ने ट्रॉली चोरी की। इसमें सोना रखा हुआ था।
2016 दिसंबर : सिविल लाइंस और चाणक्यपुरी में शादी समारोह में तीन ऐसे मामले सामने आए जिनमें जेवरात चुराती महिलाएं कैमरे में कैद हो गईं।
Author: JAN TV Editorial Team
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