इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को राहत देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके बाद ईडी अगले 20 मार्च तक कार्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाएगी। यह फैसले सुप्रीम कोर्ट की तरफ से याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने के एक दिन बाद आया है, जिसमें जांच एजेंसी की तरफ से जारी किए गए समन को खारिज करने की मांग की गई थी।
कार्ति 28 फरवरी से सीबीआई कस्टडी में हैं। इस केस की अलग से जांच कर रहे केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने यह आरोप लगाया कि कार्ति को साल 2007 में 305 करोड़ रूपये के विदेश निवेश की मंजूरी के लिए पीटर मुखर्जी और इंद्राणी की स्वामित्व वाली कंपनी की तरफ से घूस दी गई थी। उस समय उनके पिता पी. चिदंबरम वित्त मंत्री थे।
पीटर और इंद्राणी मुखर्जी इस वक्त हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। सीबीआई ने कहा है कि उसने इंद्राणी का वह बयान रिकॉर्ड किया है जिसमें उसने बताया कि कार्ति ने एफआईपीबी से क्लियरेंस दिलाने के लिए घूस मांगी थी।
Author: JAN TV Editorial Team
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