चार्जशीट में मेहुल चोकसी, मोदी के भाई निशाल जोकि बेल्जियन नागरिक है और कंपनी के एक एग्जीक्यूटिव सुभाष परब का नाम शामिल है। जांच एजेंसी ने इंटरपोल के द्वारा मोदी, चोकसी और निशाल के खिलाफ 15 फरवरी को डिफ्यूजन नोटिस जारी किया था। यह नोटिस एक प्रक्रिया है जिसके जरिए किसी भगोड़े की जानकारी को इंटरपोल के सदस्य देशों के साथ साझा की जाती है। डिफ्यूजन नोटिस के जवाब में यूनाइटेड किंगडम ने मोदी और भगोड़ों की गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा की है। सूत्रों ने बताया कि उसका विशिष्ट स्थान अभी भी अज्ञात बना हुआ है।
विदेश मंत्रालय ने कई यूरोपीय देशों को पत्र लिखकर भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की तलाश में मदद की अपील की थी। साथ ही कहा था कि उसे एक से ज्यादा भारतीय पासपोर्ट जारी नहीं किए गए थे। मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया था कि मंत्रालय ने दुनियाभर में स्थित अपने सभी मिशन को संदेश भेजकर स्थानीय सरकार के संपर्क में रहने को कहा है ताकि मोदी को वहां घुसने से रोका जा सके और यदि वह वहां रह रहा है तो उसकी जानकारी मिल सके।
कुछ समय पहले खबर आई थी नीरव ब्रिटेन में मौजूद हैं। ब्रिटिश अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई और आयकर विभाग मार्च और अप्रैल में यूके सेंट्रल अथॉरिटी को तीन अनुरोध पत्र (एलआर) भेजे थे। यूके सेंट्रल अथॉरिटी ने इन एलआर को गंभीर धोखाधड़ी कार्यालय (एसएफओ) को भेज दिया था। साथ ही एसएफओ से कहा कि ईडी के एलआर पर कार्रवाई की जाए। इसके बाद एसएफओ और ईडी के बीच बातचीत चल रही है।
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