चिदंबरम विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की 305 करोड़ रुपये की मंजूरी के संबंध में कथित भूमिका के लिए जांच एजेंसियों के दायरे में आए हैं। सीबीआई ने वर्ष 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी निधि हासिल करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को एफआईपीबी से मिली मंजूरी में कथित अनियमितता के लिए पिछले साल 15 मई को प्राथमिकी दर्ज की थी। संप्रग -1 सरकार के दौरान जब यह मंजूरी दी गई तो उस समय वित्त मंत्री चिदंबरम थे।
सीबीआई ने शुरू में आरोप लगाया था कि कार्ति ने आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाने के लिये दस लाख रूपए की रिश्वत ली। बाद में उसने इस आंकड़े में परिवर्तन करते हुये इसे दस लाख अमेरिकी डॉलर बताया था।
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