खास बात यह है कि प्रदेश सरकार यदि भत्ते बढ़ाए जाने का फैसला करती है तो उस पर करीब पांच हजार करोड़ का सालाना अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। राज्य सरकार द्वारा गठित वेतन कमेटी अपनी भत्तों में वृद्धि संबंधी रिपोर्ट पहले ही दे चुकी है। देखने की बात यह है कि यह प्रस्ताव इस कैबिनेट बैठक में मंजूर होता है या सरकार इसे अगली कैबिनेट बैठक के लिए टालती है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि जुलाई माह में ही सरकार को बढ़े हुए भत्तों को मंजूरी देने की बात है। हालांकि अतिरिक्त आर्थिक बोझ की व्यवस्था करने के लिए सरकार अगले मानसून सत्र में सप्लीमेंटरी बजट लाना होगा। मानसून सत्र अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में बुलाए जाने की संभावना है।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।