एनडीआरएफ, आईटीबीपी और जिला प्रशासन की टीम राहत-बचाव में जुटी हैं। दबे लोगों को खोजने के लिए डॉग स्क्वॉड की मदद ली जा रही है। इस इलाके में संकरी गलियां होने की वजह से जेसीबी जैसे और दूसरे भारी उपकरणों को ले जाने में दिक्कत आई। इस वजह से रेस्क्यू धीमा चला। एनडीआरएफ के 90 कर्मचारी और स्थानीय लाेग हाथों से मलबा हटाकर नीचे दबे लोगों को खोजते देखे गए।
एक परिवार 12 घंटे पहले ही शिफ्ट हुआ था: चश्मदीद पंकज ने बताया कि इनमें से एक बिल्डिंग में मंगलवार दोपहर ही एक परिवार शिफ्ट हुआ था। परिवार में 4-5 लोग थे। फ्लैट में शिफ्ट होने के 12 घंटे के भीतर ही सभी लोग मलबे में दब गए। पंकज ने बताया कि जैसे ही दोनों बिल्डिंग गिरीं, तो उसके बाद ही आसपास के लोग पहुंचे, लेकिन किसी को बचाने के लिए मौका नहीं मिला।
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