गौरतलब है कि चार जुलाई को दिल्ली सरकार बनाम एलजी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना अहम फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि चुनी हुई सरकार लोकतंत्र में अहम है इसलिए मंत्री-परिषद के पास फैसले लेने का अधिकार है। पीठ ने यह भी कहा कि एलजी के पास कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं है। संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला दिया कि हर मामले में LG की सहमति जरूरी नहीं लेकिन कैबिनेट को फैसलों की जानकारी देनी होगी।
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