वह 31 जुलाई को आरोप पत्र पर विचार करेंगे। 3,500 करोड़ रुपये के एयरसेल- मैक्सिस सौदे और 305 करोड़ रुपये के आईएनएक्स मीडिया मामले में जांच एजेंसियां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की भूमिका जांच कर रही थीं। यूपीए-1 सरकार में उनके वित्त रहते दोनों कंपनियों को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने मंजूरी दी थी जिसमें कथित अनियमितताओं का पता चला है।
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