सामान्य तौर से प्राइवेट सेक्टर में पर्फॉर्मेंस बेस्ड सैलरी होती है। प्रदर्शन के आधार पर इन्सेंटिव न मिलने और निश्चित समय पर ही प्रमोशन होने की वजह से कर्मचारियों में उत्साह की कमी रहती है। साल 2015 में कोल इंडिया लिमिटेड के सुपरवाइजर और एग्जिक्यूटिव ग्रेड के कर्मचारियों के लिए सरकार ने इन्सेंटिव का ऐलान किया था। सातवें वेतन आयोग में पर्फॉर्मेंस लिंक्ड पेमेंट की सिफारिश सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए की गई है। इसमें सलाह भी दी गई है कि सभी विभाग के कर्मचारियों को उनकी मैट्रिक्स में काम करने के लिए थोड़ी ढील दी जाए। पैनल ने सलाह दी है कि यह पेमेंट साल के आखिरी में कैश दिया जाएगा। यह बचत के रूप में नहीं दिया जाएगा।
प्रदर्शन के आधार पर पेमेंट को लागू करने के लिए सरकारी बैंकों को सरकार से अनुमति लेनी होगी। सभी स्तर के कर्मचारियों की सैलरी से जुड़े मामले इंडियन बैंक असोसिएशन, बैंक मैनेजमेंट और ट्रे़ड यूनियन की सहमति के साथ निर्धारित किए जाते हैं।
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