वहीं इलाहबाद में भी गंगा और यमुना में लगातार बढ़ रहा जलस्तर धीरे-धीरे खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बरसात से गंगा और मध्यप्रदेश बरसात से केन और बेतवा नदी का जलस्तर में उफान आने चंबल के रास्ते यमुना में पहुंचने से धीरे-धीरे बाढ़ की ओर बढ़ रही है। पिछले मंगलवार की तुलना में फाफामऊ में गंगा का जलस्तर शनिवार को 91 सेंटीमीटर, छतनाग में 26 सेंटीमीटर और नैनी में 15 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। गंगा का खतरे का निशान 84.734 रेखांकित किया गया है।
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