पीठ ने कहा, 'असली समस्या यह है कि आपने मकानों का कब्जा देने में विलंब किया है। ज्यादा होशियार बनने की कोशिश नहीं करें अन्यथा हम आपकी एक-एक संपत्ति बेच देंगे और आपको बेघर कर देंगे।' पीठ ने समूह को निर्देश दिया कि 15 दिन के भीतर अपने प्रबंध निदेशक और निदेशकों की चल और अचल संपत्तियों की मूल्यांकन रिपोर्ट पेश करे। न्यायालय ने उन कंपनियों का विवरण भी मांगा है जो आम्रपाली परियोजनाओं के रखरखाव का काम देख रही हैं और उन्होंने जो रकम एकत्र की है और अभी तक वितरित की है।
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