न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ने इस कानून में संशोधनों का जिक्र करते हुए यहां भाजपा के व्यापारी प्रकोष्ठ के कार्यक्रम में कहा सभी राजनीतिक दलों को इस विषय में मिलकर विचार-विमर्श करना चाहिये। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं की जा सकती क्योंकि कानून का मूल स्वरूप बरकरार रखने के लिये संसद में सभी पार्टियों ने मतदान किया था।
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