बता दें कि प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा न्यायमूर्ति एम एम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने 24 अगस्त को इस मुद्दे पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। पीठ का कहना है कि वह अदालतों में भीड़भाड़ को कम करने के लिए 'खुली अदालत की परिकल्पना को लागू करना चाहती है।
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