(India)
दिल्ली के एक दंपती को फर्जी आईएएस बताकर जेल भेजने के मामले में पटना पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। प्रभारी जोनल आईजी बच्चू सिंह मीणा ने पीड़ितों की फरियाद के बाद मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये हैं। डीआईजी और एसपी सिटी मामले की जांच करेंगे। पुलिस सूत्रों की मानें तो आईजी द्वारा जारी पत्र में कई ऐसे पहलुओं का जिक्र है जिन पर पटना पुलिस ने जांच ही नहीं की और दंपती को दिल्ली से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। चिट्ठी इस ओर इशारा कर रही है कि पुलिस ने यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार के कोतवाली थाने में केस दर्ज कराने के बाद एकतरफा कार्रवाई की। सिर्फ कोतवाली ही नहीं, बल्कि बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज केस में भी ऐसा ही हुआ। बुद्धा कॉलोनी में हुए केस के आईओ व तत्कालीन दारोगा मनीष कुमार ने बिना एसपी सिटी के आदेश के ही मिथिलेश सिंह और उनके पति निर्भय सिंह पर चार्जशीट दाखिल कर दी। अगर मामले की सही से जांच होगी तो कोतवाली थाने के तत्कालीन दारोगा और केस के आईओ विक्रमादित्य झा और बुद्धाकॉलोनी थाने के तत्कालीन दारोगा मनीष कुमार पर गाज गिर सकती है। जल्द ही इस मामले की रिपोर्ट भी आ सकती है।
बड़े अफसरों की भी नहीं सुनी
अपनी बेटी व दामाद को झूठे मुकदमे में फंसाये जाने के बाद मिथिलेश के रिटायर फौजी पिता अप्रैल, 2018 से ही बिहार पुलिस के बड़े अफसरों के पास चक्कर लगा रहे हैं। आला अफसरों ने अधीनस्त पुलिस अफसरों को जांच के लिए चिट्ठी लिखी थी, लेकिन उसे दरकिनार कर दिया गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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