सुप्रीम कोर्ट में साल 2009 में मूर्तियों पर जनता के पैसे खर्च होने को लेकर जनहित याचिका दी गई थी। लगभग 10 साल बाद इस पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने कहा, 'प्रथम दृष्टया तो बीएसपी प्रमुख को मूर्तियों पर खर्च किया गया जनता का पैसा लौटाना होगा।'
मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ने कहा, 'अगली सुनवाई से पहले तक हमें लगता है कि बीएसपी प्रमुख मायावती को यह सारा पैसाल लौटाना चाहिए। बीएसपी सुप्रीमो को अगली सुनवाई से पहले यह रकम देनी होगी।'
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