प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान हमले के जिम्मेदार लोगो को सजा मिलेगी
(Pulwama, Pulwama) जम्मू कश्मीर में सबसे बड़े आतंकी हमले में पुलवामा के पास गुरुवार को सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए और 20 से अधिक घायल हो गए। हमले के वक्त 2547 जवान 78 वाहनों के काफिले में जम्मू से श्रीनगर जा रहे थे। इसी दौरान जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी कार से उनकी बस में टक्कर मार दी। धमाका इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए। 10 किलोमीटर तक धमाके की आवाज सुनाई दी। यह उरी हमले से भी भयावह था।

अधिकारियों ने बताया कि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अधिकतर जवान छुट्टियां बिताने के बाद ड्यूटी पर लौट रहे थे। जम्मू कश्मीर हाईवे पर अवंतिपोरा इलाके में अपराह्न करीब 3:15 बजे आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया। हमलावर की पहचान पुलवामा के काकापोरा निवासी आदिल अहमद के तौर पर हुई है। आदिल 2018 में जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था। कुछ दिन पहले सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया था, लेकिन वह चकमा देकर भाग निकला था।
DISCLAIMER:

इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।