गौरतलब है कि वायुसेना के मिराज विमानों ने मंगलवार तड़के एलओसी पार करके जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकाने को नेस्तनाबूत कर दिया था। एलओसी से करीब 50 किलोमीटर दूर बालाकोट शहर के पास एक पहाड़ी पर बने ठिकाने पर 'आराम' फरमा रहे 350 से ज्यादा आतंकियों को वायुसेना ने हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया। इनमें 25 से ज्यादा जैश के बड़े कमांडर हैं। लेकिन भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आता नहीं दिख रहा है।
विदेश सचिव विजय गोखले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इन आतंकी शिविरों को जैश सरगना मसूद अजहर का साला यूसूफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी चला रहा था। उन्होंने बताया कि आतंकी फिर से हमले की फिराक में थे, इसलिए भारत ने ऐहतियातन गैर सैन्य कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि आतंकियों के ठिकाने घने जंगल में पहाड़ियों पर थे, जो नागरिक इलाकों से दूर थे।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।