बीबीसी उर्दू को दिए एक इंटरव्यू में कुरैशी ने कहा, “उन्हें रिहा करने के लिए पाकिस्तान पर न तो दबाव था और न ही कोई मजबूरी।” मंत्री ने दोहराया कि अगर जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ सबूत साझा किए जाते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
कुरैशी ने कहा, “पाकिस्तान देश और क्षेत्र की शांति के लिए खतरे राष्ट्र विरोधी तत्वों को बर्दाश्त नहीं करेगा। हमने उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई है।” मंत्री ने गुरुवार को स्वीकार किया था कि जेईएम प्रमुख मसूद अजहर पाकिस्तान में है और वह अस्वस्थ है।
कुरैशी ने शनिवार को कहा, “सरकार किसी आतंकी या आतंकी संगठन को उनकी जमीन का प्रयोग कर हथियारों के उपयोग व आतंक फैलाने की इजाजत नहीं देगी। अगर कोई समूह ऐसा करता है तो सरकार ने उसके खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई है।”
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