प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने संबंधित पक्षकारों से कहा कि वे बुधवार को ही संभावित नाम उपलब्ध करायें। पीठ ने कहा कि इस भूमि विवाद को मध्यस्थता के लिये भेजने या नहीं भेजने के बारे में इसके बाद ही आदेश दिया जायेगा।निर्मोही अखाड़े के अलावा अन्य हिन्दू संगठनों ने इस मामले को मध्यस्थता के लिये भेजने के न्यायालय के सुझाव का विरोध किया जबकि मुस्लिम संगठनों ने सुझाव का समर्थन किया।
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