चुनाव आयोग ने कहा है कि रमजान के समय चुनाव रखे गए हैं क्योंकि चुनाव पूरे महीने नहीं हो, ऐसा नहीं हो सकता था। हालांकि, मुख्य त्योहार की तारीख और शुक्रवार के दिन को चुनाव की वोटिंग से अलग रखा गया है।'
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गौरतबल है कि चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से कुछ नेताओं ने रमजान में चुनाव को लेकर सवाल उठाए। आम आदमी पार्टी नेता अमानातुल्लाह ने ट्वीट कर लिखा कि 12 मई को दिल्ली में रमजान होगा। ऐसे में मुसलमान कम वोट देंगे और फायदा बीजेपी को मिलेगा।
वहीं, दूसरी ओर एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इस पूरे विवाद को अनावश्यक बताया। उन्होंने कहा कि रमजान में मुस्लिम रोजा रखते हैं और वे बाहर जाते हैं और सामान्य जीवन जीते हैं। वे कार्यालय जाते हैं, यहां तक कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी रोजा रखता है। मेरा मानना है कि इस महीने (रमजान) में मतदान प्रतिशत बढ़ेगा क्योंकि व्यक्ति सभी सांसारिक कर्तव्यों से मुक्त होगा।
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