यूपी और देश की राजनीति में 1991 के चुनाव के बाद कांग्रेस के बिखरते जनाधार को बचाने की कोशिश नजर आई है। संभवता यह पहला प्रयोग है जब प्रियंका गंगा की शरण में पहुंचकर पूर्वांचल साधने में जुटी हैं। हालांकि देर शाम होने के चलते प्रशासन ने उन्हें जलमार्ग की जगह सड़क मार्ग से भदोही पहुंचाया। कांग्रेस महासचिव गंगा यात्रा के जरिए भदोही के बाद मंगलवार को मिर्जापुर और बुधवार को वाराणसी पहुंचेंगी।
उत्तर प्रदेश के चुनावी इतिहास में संभवत: यह पहली बार हो रहा है जब किसी राजनैतिक दल और राजनेता की तरफ से जलमार्ग का रास्ता चुना गया है। यह अपने आप में गंगा के किनारे बसे गावों और वहां के लोगों के लिए कौतुहल का विषय रहा और प्रियंका देखने भीड़ भी गंगा घाट पर उमड़ी।
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