माल्या ने उच्च न्यायालय से संपर्क कर विशेष धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) अदालत के पांच जनवरी के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें नये कानून के तहत उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था।
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