अगर राफेल समय पर IAF में शामिल हो जाता, तो बालाकोट हमले का नतीजा कहीं ज्यादा होता: IAF Chief
(DELHI, DELHI) वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने कहा कि राफेल विमान अगर समय पर वायुसेना में शामिल हो जाते तो बालाकोट हवाई हमले का नतीजा भारत के पक्ष में कहीं ज्यादा होता। उन्होंने कहा कि बालाकोट अभियान के दौरान तकनीक हमारे पक्ष में थी। भारतीय वायु सेना ने बीते 26 फरवरी को तड़के सीमापार पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाया था, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए थे। इस अभियान में मारे गए आतंकियों में जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का बहनोई युसूफ अजहर भी शामिल था। यह कार्रवाई जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद द्वारा किए गए आत्मघाती हमले के ठीक 12 दिन बाद की गई है। पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने इस अभियान के बारे में जानकारी देने के लिए नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बताया, 'विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि 12 दिन पहले पुलवामा हमले को अंजाम देने के बाद जैश ए मोहम्मद भारत में एक और आत्मघाती आतंकी हमला करने की साजिश रच रहा है और फिदायीन जिहादियों को इस काम के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस जानकारी के बाद सीमा के दूसरी ओर जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी शिविर पर गैर-सैन्य एकतरफा हमले किए गए।'

भारतीय वायु सेना के मंगलवार (26 फरवरी) सुबह चलाये गए अभियान में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया था। इस अभियान में बड़ी संख्या में जैश के शीर्ष आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए। इस शिविर का नेतृत्व मौलाना यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी कर रहा था, जो जैश प्रमुख मसूद अजहर का बहनोई था।
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