इंडियन ओवरसीज कांग्रेस चीफ ने कहा- “यह (वाराणसी ने न लड़ने का) फैसला प्रियंका जी का था। उनके पास अन्य जिम्मेदारियां हैं। उन्होंने सोचा कि एक सीट से लड़ने पर ध्यान केन्द्रित करने की बजाय उस पर ध्यान दिया जाए जिसकी जिम्मेदारी दी गई है। इसलिए, फैसला उन्हें लेना था और उन्होंने इस पर फैसला लिया।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने शुक्रवार को कहा कि बीते पांच साल में देश की दशा बहुत बिगड़ी है और केन्द्र की मोदी सरकार ने झूठे वादे करने के सिवाय कुछ नहीं किया।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।