अमित शाह बोले, अब कूटनीति और रक्षा नीति जुड़ी नहीं हैं
(India) बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने हिन्दुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत की रक्षा नीति अब उनकी राजनयिक नीति से जुड़ी नहीं है। उनकी पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा को कैसे देखती है यह बताते हुए उन्होंने कहा, राजनयिक रूप से, भारत साहसपूर्वक अन्य देशों में अपने विचार पेश कर सकता है और उस समय आतंक के स्रोत पर स्ट्राइक कर सकता है।

अमित शाह राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति आश्वस्त हैं, जिसे उनकी पार्टी ने अपने अभियान का केंद्र बिंदु बनाया है और उसका असर वोटर्स पर पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1.25 अरब भारतीयों को आश्वासन दिया है कि उनकी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, जो उनके शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चाहे वह जम्मू-कश्मीर पर कड़े फैसले लेने हो या अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति की चुनौतियों और उसे संभालने में सबसे सफल सरकार है।

शाह ने बताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने अन्य मोर्चों पर भी कामयाबी हासिल की जैसे विकास की दर में वृद्धि के साथ कृषि सुधार हुए हैं, सिंचाई का अधिक कवरेज, सड़क में 2.5 गुना वृद्धि के साथ तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास और रेलरोड निर्माण में 2.25 गुना वृद्धि हुई है। भाजपा अध्यक्ष को उम्मीद है कि उनकी पार्टी चुनाव में 282 की अपनी 2014 की स्थिति को बेहतर करेगी। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि इन तीन कारणों के चलते लोग बीजेपी को वोट क्यों देंगे। सबसे पहले, भाजपा के पास एक मजबूत नेता है, जबकि विपक्षी नेतृत्व बंटा हुआ है। दूसरा हमने 50 करोड़ गरीबों को एहसास कराया है कि देश में उनकी हिस्सेदारी है। तीसरा, अतीत में अविवेकपूर्ण या नेताविहीन सरकारों के विपरीत, हमाने निर्णायक नेतृत्व में अर्थव्यवस्था, रक्षा, बुनियादी ढांचे, कृषि और गरीबी उन्मूलन से संबंधित चुनौतियों का समाधान किया है।
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