नाम न छापने की शर्त पर तृणमूल नेता ने बताया कि हमारी संभावनाएं अब वामपंथी वोट के बदलाव के स्तर पर हैं। हमें उम्मीद है कि 30 से अधिक सीटें मिलेंगी, लेकिन अगर वामपंथी अपने हिस्से का 10 फीसदी से अधिक खो देते हैं, तो हम 25 से भी नीचे जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी के नेताओं को यह भी डर है कि कम से कम 15 सीटों पर जहां अल्पसंख्यक एकाग्रता कम है, भाजपा उन सीटों पर तृणमूल से ज्यादा मजबूत स्थिति बना ली है। अगर लेफ्ट का वोट बीजेपी को जाता है तो इससे उनकी बंगाली मध्यम वर्ग के बीच पकड़ और बढ़ेगी।
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