कर्नाटक में कांग्रेस व जद (एस) की गठबंधन सरकार है, जबकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार सपा, बसपा व निर्दलीय विधायकों के समर्थन पर टिकी है। कर्नाटक में बीते साल भाजपा के सबसे बड़े दल के रूप में उभरने के बाद सरकार बनाने का मौका तो मिला, लेकिन वह जरूरी बहुमत नहीं जुटा सकी। इसके बाद कांग्रेस ने तीसरे नंबर की पार्टी जद एस के साठ गठबंधन कर सरकार बनाई है। राज्य की 225 (एक मनोनीत सदस्य समेत) सदस्यीय विधानसभा में दो सीटें रिक्त हैं। ऐसे में बहुमत का आंकड़ा 112 पर है। भाजपा के 104 विधायक हैं और उसके साथ एक निर्दलीय व एक केपीजेपी का विधायक है। भाजपा को बहुमत के लिए छह और विधायकों की जरूरत है। दूसरी तरफ सत्तारूढ़ गठबंधन में जद (एस) के 37, कांग्रेस के 78 व बसपा का एक विधायक है और उसकी संख्या 116 है।
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