पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाताओ से कहा, 'मीडिया के जरिये पता चला है कि चुनाव आयोग ने हमारी दो मांगे निरस्त कर दी। पहली मांग की थी कि पर्चियों का मिलान मतगणना से पहले होनी चाहिए। इस मांग को खारिज करने का क्या औचित्य हो सकता है? इसका क्या आधार है?'
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।